बाबा राघव दास मेडिकल कालेज, गोरखपुर में 48 मरीजों की मौत, हुई थी ऑक्सीजन की कमी

baba raghaw das medical collageग्राम समाचार, गोरखपुर। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज, गोरखपुर में 48 मरीजों की मौत हो गई, जिसमें अधिकांश बच्चे हैं। मृत्यू का कारण लिक्विड ऑक्सीजन की कमी बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के बाल रोग व मेडिसिन के वार्डों में ऑक्सीजन की कमी से पिछले 48 घंटे में 48 की मौत हो गई। मरने वालों में बाल रोग वार्ड के 30 मासूमों के अलावा मेडिसिन के वार्ड नंबर 14 में भर्ती 18 मरीज भी हैं।

हालांकि लखनऊ में राज्य सरकार के प्रवक्ता ने भी साफ किया है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। 11 अगस्त को सात मरीजों की ही विभिन्न चिकित्सीय कारणों से मृत्यु हुई है।

सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज के बाल रोग वार्ड में गुरुवार की रात 11.30 बजे से दूसरे दिन रात तक रुक-रुक कर ऑक्सीजन की सप्लाई हुई। पूरी रात मासूमों पर मौत का खतरा मंडराता रहा और अस्पताल प्रशासन चैन की नींद सोता रहा। हड़कंप तब मचा जब सुबह आइसीयू से शवों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद अफसर हरकत में आए और ऑक्सीजन की कमी दूर करने के प्रयास में जुट गये। इसी के साथ मामले पर पर्दा डालने की कोशिशें भी शुरू हो गईं।

जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने बताया कि अपर आयुक्त प्रशासन के नेतृत्व में एडीएम सिटी, एडी हेल्थ, सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट की पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों से लिक्विड आक्सीजन की कमी होने के कारणों और सिलेंडर आक्सीजन की उपलब्धता की जांच को कहा गया है। समिति से शनिवार दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह सच है कि मेडिकल कालेज में लिक्विड आक्सीजन खत्म हो गया था लेकिन 175 सिलेंडर आक्सीजन की उपलब्धता थी। किसी की मौत आक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है। कंपनी का 70 लाख रुपये बकाया था, आज 22 लाख रुपये उनके खाते में भेज दिया गया है। बाल रोग विभाग में रोजाना आठ-दस मौतें होती हैं। परसों तक लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति हो जाएगी। व्यवस्था की जाएगी कि आगे से ऐसा न हो।