गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन पर ग्रहण, विपक्ष के लिए विधानसभा में चुनावी मुद्दा

Surrender mohanग्राम समाचार (गोड्डा)। कोल इंडिया के ऑब्जेक्शन के बाद गोड्डा- पीरपैंती रेल परियोजना पर ग्रहण लगते नजर आ रहे है। कोल इंडिया का कहन है कि महगामा में जमीन के अंदर कोयला है इसलिए रेल मंत्रालय इस परियोजना में रोक लगाने की बात कर रही है।

ज्ञात हो कि प्रस्तावित गोड्डा- पीरपैंती रेल लाइन का भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में पहुंच गया था, लेकिन कोल इंडिया के ऑब्जेक्शन के बाद अब इस रेल लाइन पर ग्रहण लग गया है।

कोल इंडिया के ऑब्जेक्शन के बाद अब इस मामले में राजनीति भी शुरु हो गई है। झामुमो नेता सुरेंद्र मोहन केसरी ने विरोध जताते हुए कहा है कि अगर यहां रेल परिचालन शुरु नहीं हुआ तो इसके लिए प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गोड्डा जिले में एक बार फिर रेल का मुद्दा गर्माता जा रहा है। लोकसभा चुनाव में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीति गरमा गई थी।

दरअसल, गोड्डा में रेल का खेल पुराना है। पिछली मनमोहन सिंह सरकार में हंसडीहा-गोड्डा होते हुए पीरपैंती तक रेल लाइन की मंजूरी मिली थी। उस समय भी गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे ही थे। इस योजना की धीमी गति पर विपक्ष लगातार सवाल खड़ा करते रहा है। लोकसभा चुनाव के समय (17 सितंबर) औपचारिक रुप से एक यात्री ट्रेन पोड़ैयाहाट से हंसडीहा होते हुए दुमका तक चलाया गया था, लेकिन अब कोल इंडिया के ऑब्जेक्शन के कारण गोड्डा से पीरपैंती तक के रेल लाइन पर ग्रहण लग गया है। बताया जा रहा है महगामा विधानसभा क्षेत्र में कोयला जमीन के अंदर है, जिसे लेकर कोल इंडिया ने इस पर ऑब्जेक्शन लगाया है।

झामुमो नेता सुरेंद्र केसरी ने कहा है कि इस रेल लाइन पर अगर कोयला जा सकता है तो यात्री ट्रेन भी चल सकती है। उन्होंने कहा कि अगर इस रूट पर यात्री ट्रेन नहीं चलने दिया जाएगा तो, इस रूट से कोयला ढुलाई पर भी रोक लगा दी जाएगी।

– ग्राम समाचार (गोड्डा)।

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