झारखंड के बांस उत्पाद देश-विदेशों में बिकेंंगे : राज्यपाल

*आँनलाइन बांस उत्पाद बिक्री के लिये सरकार ने फ्लीपकार्ट से किया एमओयू*

बांस से बने सामानों को देखती हुई राज्यपाल

ग्राम समाचार, दुमका। झारखंड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने आउटडोर स्टेडियम दुमका में बांस कारीगर मेला 2019 के उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड विकास की ओर लगातार अग्रसर है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा एक से बढ़कर एक कार्य आमजनों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए किया गया हैं। झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से भरा प्रदेश है। यहां विकास की अनंत संभावनाएं हैं। सांस्कृतिक विविधता से राज्य की विशिष्टता है। सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारा के साथ रहते हैं । यहां के लोगों में विभिन्न प्रकार की कला एवं हुनर मौजूद है। जनजातीय समुदाय के लोग भी अपने हुनर से पूरे राज्य में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। किसी भी राष्ट्र और राज्य के समग्र विकास के लिए उद्योग स्थापित करना अति महत्वपूर्ण है। उद्योग ही राष्ट्र और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुटीर उद्योग, लघु उद्योग सभी राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विकरण के युग मेंं इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो चुका है। केंद्र तथा राज्य सरकार लघु तथा कुटीर उद्योग के विकास हेतु कई पहल किये जा रहे हैं। यह राज्य के विकास के साथ राज्य में रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम है। बांस आधरित उद्यम इसी के कड़ी के रूप में जाना जाता है। झारखंड में प्राकृतिक रूप से बांस की उपलब्धता सुलभ है। यहाँ विभिन्न प्रकार के बांस उपलब्ध हैं। राज्य में लगभग 6 लाख बांस कारीगर उपलब्ध हैं। जिनमें अधिकांशतः अनुसूचित जाति एवं जनजातीय समाज के लोग हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बांस की खेती से लेकर बांस से होने वाले विभिन्न वस्तुओं का निर्माण करते हैं। इनसे इनके जीवन मे भी सुधार आ रहा है। भारतीय समाज मेंं बांस को शुभ माना जाता है। कई शुभ कार्य मे बांस से बने वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। सौभाग्य की बात है भारत के जिन राज्यों में सबसे अधिक बांस का उत्पादन होता है उनमें झारखंड भी प्रमुख है। भारत सरकार द्वारा वन अधिनियम में संशोधन कर अगरबत्ती निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुमका जिला में भी बांस से अगरबत्ती का निर्माण किया जा रहा है। यहां की महिलाएं अगरबत्ती निर्माण से जुड़ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है। इन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत है ताकि वे इस दिशा में और भी बेहतर कर सकें। राज्य सरकार द्वारा बांस के परंपरागत शिल्प कारों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए,रोजगार के नए अवसर प्रदान करने तथा उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए बांस का अभिमान कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। मनरेगा के तहत राज्य में उन्नत किस्म के बांस की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बांस से बनी वस्तुओं का मांग पूरे विश्व में बढ़ा है। आज सरकार ने फ्लिपकार्ट से एमओयू किया है ताकि यहां के कारीगरों द्वारा उत्पादित सामग्रियों को देश विदेशों में बेचा जा सके। राज्यपाल ने कहा  “मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में हमारे हुनरमंद शिल्पकार देश विदेशों में अपनी एक अलग पहचान बनायेंगे।” इस क्षेत्र में निवेश की काफी संभावना है। मुझे विश्वास है कि उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश हेतु आवश्यक पहल करेंगे ताकि यहां के संसाधनों का बेहतर ढंग से उपयोग हो सके तथा यहां के लोग आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए कई मदद कर रहे हैं।

दशरथ महतो, ग्राम समाचार दुमका। 

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