स्कूली बच्चों ने एकदिवसीय शैक्षणिक परिभ्रमण में देखा विक्रमशिला महाविहार

बांका, बौंसी: मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के अंतर्गत आज बौंसी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकन्दरपुर के छात्र और छात्राओं को एकदिवसीय शैक्षणिक परिभ्रमण हेतु विक्रमशिला महाविहार ले जाया गया। जहाँ स्कूली बच्चों ने प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालय को देखा।
विक्रमशिला में प्राचीन काल में एक प्रख्यात विश्वविद्यालय स्थित था, जो प्रायः चार सौ वर्षों तक नालन्दा विश्वविद्यालय का समकालीन था।
सिकन्दरपुर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रसून पंथ ने छात्रों को बताया कि इस विश्वविद्यालय में व्याकरण, न्याय, दर्शन और तंत्र के अध्ययन की विशेष व्यवस्था थी। इस विश्वविद्यालय की व्यवस्था अत्यधिक सुसंगठित थी। बंगाल के शासक शिक्षा की समाप्ति पर विद्यार्थियों को उपाधि देते थे। सन 1203 ई० में बख्तियार खिलजी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया।
यहाँ बौद्ध धर्म और दर्शन के अतिरिक्त न्याय, तत्त्वज्ञान, व्याकरण आदि की भी शिक्षा दी जाती थी।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय में छात्रों ने वहां के प्राचीन अवशेषों को भी देखा और ये जाना कि उस समय किस प्रकार एक ही विश्वविद्यालय में विभिन्न स्थानों में विभिन्न प्रकार की शिक्षा दे जाती थी।इस मौके पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रसून पंथ, सहायक शिक्षक दल्लू पंडित, CRCC अशोक पोद्दार, नंदलाल  मंडल आदि उपस्थित थे।

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